30 साल के बाद मिली इतनी बड़ी ख़ुशी


उत्तर अफ्रीकी राष्ट्रभक्ति साल से इ’स्ला’मी शासन था जिसको अब सू’डान की सरकार ने खत्म करते हुए धर्म’ को अलग करने की बात पर सहमति व्यक्त करती है! सू’डान के प्रधानमंत्री अ’ब्दु’ल्ला ह’दो’क और सू’डान पीपु’ल्स लि’बरेशन मूवमेंट नॉ’र्थ वि’द्रो’ही समूह के नेता अ’ब्दु’ल अ’जी’ज अ’ल हि’लु ने इस घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर कर दिए हैं! गुरुवार को इ’थियो’पि’या की राजधानी अ’दी’स अ’बा’बा में सि’द्धांत को अपनाने के लिए इन दोनों ने इस घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर किए!

जिस घोषणा पत्र में हस्ताक्षर किए गए हैं उसमें लिखा था कि सूडान के लोकतांत्रिक देश बनने के लिए जांच सभी नागरिकों के अधिकार निहित हो यहां संविधान धर्म और राज्य के अलगाव के सिद्धांत पर आधारित होना चाहिए! इसके अभाव में आत्म निर्णय के अधिकार का सम्मान करना चाहिए! सूडान की सरकार की ओर से शांति संदेशों को शुरू करने के बाद 1 हफ्ते से भी कम समय के अंदर यह समझौता खत्म हो गया! इसमें दार्फुर और सूडान के दूसरे हिस्सों से बेदखल किए गए तानाशाह उमर-अल बशीर से और लड़ने की उम्मीद खत्म हो गई है!

सूडान पीपुल्स लिबरेशन मूवमेंट-नॉर्थ के दो गुटों में से एक ने किसी भी ऐसे घोषणापत्र पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया है जो धर्मनिरपेक्ष प्रणाली को सुनिश्चित नहीं करता है! 1989 में बशीर की ओर से सत्ता पर कब्जा करने के बाद सूडान को अंतरराष्ट्रीय अलगाव से जूझना पड़ रहा था, जिससे अब वो उबर रहा है! बशीद के समय में अलकायदा और कार्लोस सूडान में बस गए थे, अमेरिका ने 1993 में सूडान को आतंकवादी प्रायोजक घोषित कर दिया था और बाद में साल 2017 तक प्रतिबंध लगाए!

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